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By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाबदेश में कोरोना का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. संक्रमित मरीजों के साथ-साथ मृतकों की तादाद में भी बड़ी वृद्धि देखी जा रही है. ऑक्सीजन से लेकर दवाओं तक की कमी बताई जा रही है. इस बीच भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने कोरोना महामारी में खुद की देखभाल के लिए कुछ आयुर्वेदिक तौर-तरीके बताए हैं जिनसे खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है.आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी या एलोपैथी, इन सबमें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जाता है. शरीर अगर रोगों से लड़ने में सक्षम रहेगा तो कोई बीमारी नहीं होगी और हम निरोग रहेंगे. बीमार होने के बाद दवाएं लेने से ज्यादा अच्छा होता है कि उससे पहले ही हम शरीर को पुष्ट बनाएं और बीमारियों से बचे रहें.इसके लिए आयुर्वेद में खुद की देखभाल के तौर-तरीके बताए गए हैं जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.ये तौर-तरीके जटिल नहीं हैं और इसमें उपयुक्त होने वाली चीजें बेहद आसानी से उपलब्ध होने वाली हैं. यहां तक कि घर में ये चीजें मौजूद हैं जिनसे हम इम्युनिटी बढ़ाने में मदद ले सकते हैं. आइए इसके बारे में जानते हैं-बार-बार हल्का गरम पानी पीते रहेंभोजन में हल्दी, जीरा, धनिया, सौंठ और लहसुन का उपयोग करेंताजा आंवला का फल या आंवला से बने उत्पाद खाएंगुनगुने पानी में हल्दी और नमक मिलाकर गार्गल करेंभोजन वही खाएं जो ताजा बना हो और आसानी से पचने लायक होहर दिन कम से कम 30 मिनट तक योगासन, प्रणायाम और ध्यान करेंदिन में सोने से बचें और रात में कम से कम 7-8 घंटे तक सोएंइम्युनिटी बढ़ाने के आयुर्वेदिक तरीकेगुनगुने पानी के साथ खाली पेट 20 ग्राम च्यवनप्राश का सेवन करेंदिन में दो बार हल्दी दूध पीएं, 150 एमएल दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर दूध बनाएंगुडुची घन वटी 500 एमजी या अश्वगंधा 500 एमजी हर दिन दो बार लें. इसे भोजन के बाद गर्म पानी के साथ लेना हैरोज हर्बल चाय या काढ़ा पीएं. हर्बल चाय या काढ़ा में तुलसी, दालचीनी, अदरक, कालीमिर्च डालकर बनाएं. इसका टेस्ट बढ़ाने के लिए गुड़, मुनक्का और छोटी इलायची मिलाएंये तरीके भी अपना सकते हैं-सुबह-शाम नाक में तील का तेल या नारियल का तेल या गाय का घी या अणु तेल डालेंएक चम्मच तील का तेल या नारियल का तेल मुंह में डालें, इसे अंदर नहीं लेना है बल्कि 2-3 मिनट तक मुंह में इधर-उधर घुमाना है. इसके बाद इसे थूक दें और गर्म पानी से मुंह को अंदर से साफ कर लें. इसे दिन में दो बार किया जा सकता हैसूखी खांसी या गले में खराश में हो तो क्या करेंपानी का भाप लें, इसमें पुदिना, अजवाइन, कपूर मिलाकर भी दिन में एक बार भाप ले सकते हैंगले में खराश हो तो लवंग, मुलैठी का पाउडर शक्कर या शहद के साथ मिलाकर ले सकते हैंअगर ये लक्षण ज्यादा दिनों तक रहते हैं तो किसी चिकित्सक से परामर्श लें. (ऊपर बताए गए तरीके कोरोना के इलाज का दावा नहीं करते हैं. ये इम्युनिटी बढ़ा सकने वाले तरीके हैं)बाल वनिता महिला आश्रमकोरोना मरीजों के 'इलाज' में रामबाण है गिलोय, अश्वगंधा और मुलैठी, पढे़ं आयुष मंत्रालय ने क्या कहा

देश में कोरोना का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. संक्रमित मरीजों के साथ-साथ मृतकों की तादाद में भी बड़ी वृद्धि देखी जा रही है. ऑक्सीजन से लेकर दवाओं तक की कमी बताई जा रही है. इस बीच भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने कोरोना महामारी में खुद की देखभाल के लिए कुछ आयुर्वेदिक तौर-तरीके बताए हैं जिनसे खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है.

आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी या एलोपैथी, इन सबमें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जाता है. शरीर अगर रोगों से लड़ने में सक्षम रहेगा तो कोई बीमारी नहीं होगी और हम निरोग रहेंगे. बीमार होने के बाद दवाएं लेने से ज्यादा अच्छा होता है कि उससे पहले ही हम शरीर को पुष्ट बनाएं और बीमारियों से बचे रहें.इसके लिए आयुर्वेद में खुद की देखभाल के तौर-तरीके बताए गए हैं जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.

ये तौर-तरीके जटिल नहीं हैं और इसमें उपयुक्त होने वाली चीजें बेहद आसानी से उपलब्ध होने वाली हैं. यहां तक कि घर में ये चीजें मौजूद हैं जिनसे हम इम्युनिटी बढ़ाने में मदद ले सकते हैं. आइए इसके बारे में जानते हैं-

बार-बार हल्का गरम पानी पीते रहें
भोजन में हल्दी, जीरा, धनिया, सौंठ और लहसुन का उपयोग करें
ताजा आंवला का फल या आंवला से बने उत्पाद खाएं
गुनगुने पानी में हल्दी और नमक मिलाकर गार्गल करें
भोजन वही खाएं जो ताजा बना हो और आसानी से पचने लायक हो
हर दिन कम से कम 30 मिनट तक योगासन, प्रणायाम और ध्यान करें
दिन में सोने से बचें और रात में कम से कम 7-8 घंटे तक सोएं
इम्युनिटी बढ़ाने के आयुर्वेदिक तरीके
गुनगुने पानी के साथ खाली पेट 20 ग्राम च्यवनप्राश का सेवन करें
दिन में दो बार हल्दी दूध पीएं, 150 एमएल दूध में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर दूध बनाएं
गुडुची घन वटी 500 एमजी या अश्वगंधा 500 एमजी हर दिन दो बार लें. इसे भोजन के बाद गर्म पानी के साथ लेना है
रोज हर्बल चाय या काढ़ा पीएं. हर्बल चाय या काढ़ा में तुलसी, दालचीनी, अदरक, कालीमिर्च डालकर बनाएं. इसका टेस्ट बढ़ाने के लिए गुड़, मुनक्का और छोटी इलायची मिलाएं

ये तरीके भी अपना सकते हैं-

सुबह-शाम नाक में तील का तेल या नारियल का तेल या गाय का घी या अणु तेल डालें
एक चम्मच तील का तेल या नारियल का तेल मुंह में डालें, इसे अंदर नहीं लेना है बल्कि 2-3 मिनट तक मुंह में इधर-उधर घुमाना है. इसके बाद इसे थूक दें और गर्म पानी से मुंह को अंदर से साफ कर लें. इसे दिन में दो बार किया जा सकता है
सूखी खांसी या गले में खराश में हो तो क्या करें
पानी का भाप लें, इसमें पुदिना, अजवाइन, कपूर मिलाकर भी दिन में एक बार भाप ले सकते हैं
गले में खराश हो तो लवंग, मुलैठी का पाउडर शक्कर या शहद के साथ मिलाकर ले सकते हैं
अगर ये लक्षण ज्यादा दिनों तक रहते हैं तो किसी चिकित्सक से परामर्श लें. (ऊपर बताए गए तरीके कोरोना के इलाज का दावा नहीं करते हैं. ये इम्युनिटी बढ़ा सकने वाले तरीके हैं)

कोरोना मरीजों के 'इलाज' में रामबाण है गिलोय, अश्वगंधा और मुलैठी, पढे़ं आयुष मंत्रालय ने क्या कहा

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पंजाब, जेएनएन। कोरोना काल में काढ़ा का अत्यधिक प्रयोग पाचनशक्ति को खराब करने लगा और लोग कोविड के दूसरे लहर में इस आयुर्वेदिक युक्ति से अब पीछा छुड़ाते दिख रहे हैं।  By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब  वहीं आम आदमी से लेकर समस्त बुद्धिजीवियों में भी यही भ्रांति अभी तक चली आ रही थी कि कोरोना से निबटने में आयुर्वेद की सीमाएं महज काढ़ा तक ही हैं, जबकि आयुर्वेदीय चिकित्सा शास्त्र में कोविड बीमारी में लक्षण के अनुसार इलाज करने की प्रबल संभावनाएं हैं।  बीएचयू में रसशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. आनंद चौधरी ने बताया कि आयुर्वेद में आयुष काढ़ा' ही नहीं बल्कि विभिन्न रस औषधियां भी कोविड-19 के इलाज में कारगर हैं। आयुर्वेदीय रस शास्त्र की विधा में अनेक रस रसायन सुखद परिणाम के साथ विकसित किए गए हैं, जो कि इस महामारी से स्वयं को बचाने में काफी अचूक दवाएं हैं।इन औषधियों में स्वर्ण भस्म का योग स्वर्ण मालिनी बसंत, अभ्रक भस्म, प्रवाल भस्म के योग , त्रैलोक्य चिंतामणी रस , जय मंगल रस , त्रिभुवन कीर्ति रस, लक्ष्मी विलास रस आदि प्रमुख हैं। ये सारी दवाइयां श्वांस, बुखार, कफ को दूर करने के...

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