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*राज्य भर में दोबारा हो सकती है सख्ती, कुछ भी सम्भव, कोविड-19 को लेकर फिर से सरकार सख्त**पंजाब में कोविड केस बढ़ने पर मुख्यमंत्री द्वारा 1 मार्च से अंदरूनी और बाहरी जमावड़ों पर पाबंदी लगाने के आदेश**टैस्टों की संख्या बढ़ाकर प्रति दिन 30,000 करने के आदेश**डिप्टी कमीश्नरों को हॉटस्पॉट इलाकों में ज़रूरत पडऩे पर रात का कर्फ़्यू लगाने के लिए अधिकृत किया**विद्यार्थियों में मामले बढऩे के मद्देनजऱ सुरक्षा उपायों के अमल के लिए स्कूलों में अध्यापक नोडल अफ़सर मनोनीत किए**चंडीगढ़।* राज्य में कोविड के बढ़ रहे मामलों पर चिंता बढऩे के मद्देनजऱ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अंदरूनी और बाहरी जमावड़ों पर बन्दिशें लगाते हुए एक मार्च से अंदरूनी जमावड़ों की संख्या 100 तक और बाहरी जमावड़ों की संख्या 200 तक सीमित करने के हुक्म दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मास्क /सामाजिक दूरी का सख़्ती के साथ पालन करने और टेस्टिंग भी बढ़ाकर प्रति दिन 30,000 तक करने के निर्देश दिए हैं।मौजूदा स्थिति का जायजा लेने के लिए उच्च-स्तरीय वर्चुअल मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने डिप्टी कमीश्नरों को सम्बन्धित जिलों में हॉटस्पॉट इलाकों में ज़रूरत पडऩे पर रात का कर्फ़्यू लगाने के लिए अधिकृत किया है और माईक्रो कंटेनमेंट रणनीति भी अपनाई जायेगी। उन्होंने पुलिस को मास्क पहनने, सभी रैस्टोरैंटों और मैरिज पैलेसों द्वारा कोविड निरीक्षक तैनात करने बारे जारी नोटिफिकेशन का सख़्ती के साथ पालन करवाने के भी निर्देश दिए हैं और इस उद्देश्य के लिए कर और आबकारी विभाग नोडल एजेंसी होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सिनेमा घरों में संख्या कम करने का फ़ैसला एक मार्च के बाद लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्राईवेट दफ़्तरों और रैस्टोरैंटों को सभी मुलाजिमों के लिए कोरोना टैस्टों की ताज़ा रिपोर्ट प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा।टेस्टिंग बढ़ाने के आदेश देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने हर पॉजि़टिव व्यक्ति के संपर्क में आए 15 व्यक्तियों का अनिवार्य टेस्टिंग करवाने के हुक्म दिए हैं और इसकी निगरानी सी.पी.टी.ओज़ द्वारा की जायेगी जबकि स्वास्थ्य विभाग प्रगति का जायज़ा लेगा।

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प्रत्येक इंसान चाहता है कि उसका शरीर ताकतवर रहे, स्वस्थ रहें । अधिकतर पुरुषों में कमजोरी का प्रभाव देखने को मिलता है जिसका कारण है उनका गलत खानपान । आज हम आपको उन तीन चीजों के बारे में बताने वाले हैं जिनका यदि लगातार सेवन किया जाए तो 1 महीने से भी कम समय में शरीर बलवान बन जाएगा । Vnita punjab आंवला –आंवला में विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं । जो पुरुषों को दीर्घायु प्रदान करते हैं । आंवला खाने से बाल काले, लंबे एवं घने होते हैं । त्वचा जवान दिखती है, स्कीन का रंग साफ होता है । आंवले का मुरब्बा या आचार इस्तेमाल कर सकते हैं । Vnita Kasnia खजूर –खजूर में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन के, विटामिन ए, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं । जो शरीर को मजबूत और ताकतवर बनाते हैं । सुबह के नाश्ते में दूध के साथ खजूर का सेवन करने से मांसपेशियों का विकास होता है और शरीर में ताकत आती है Vnita punjab किशमिश –किशमिश में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो मजबूत शरीर बनाने के लिए पर्याप्त है । किशमिश का सेवन लगातार करने से कब्ज की समस्या दूर होती है और स्टेमिना बढ़ाती है ।https://www.facebook.com/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE-101621781784017/

🙏: आंवला –आंवला में विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं । जो पुरुषों को दीर्घायु प्रदान करते हैं । आंवला खाने से बाल काले, लंबे एवं घने होते हैं । त्वचा जवान दिखती है, स्कीन का रंग साफ होता है । आंवले का मुरब्बा या आचार इस्तेमाल कर सकते हैं । Vnita Kasnia खजूर –खजूर में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन के, विटामिन ए, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं । जो शरीर को मजबूत और ताकतवर बनाते हैं । सुबह के नाश्ते में दूध के साथ खजूर का सेवन करने से मांसपेशियों का विकास होता है और शरीर में ताकत आती है Vnita punjab किशमिश –किशमिश में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो मजबूत शरीर बनाने के लिए पर्याप्त है । किशमिश का सेवन लगातार करने से कब्ज की समस्या दूर होती है और स्टेमिना बढ़ाती है ।,

पंजाब, जेएनएन। कोरोना काल में काढ़ा का अत्यधिक प्रयोग पाचनशक्ति को खराब करने लगा और लोग कोविड के दूसरे लहर में इस आयुर्वेदिक युक्ति से अब पीछा छुड़ाते दिख रहे हैं। By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब वहीं आम आदमी से लेकर समस्त बुद्धिजीवियों में भी यही भ्रांति अभी तक चली आ रही थी कि कोरोना से निबटने में आयुर्वेद की सीमाएं महज काढ़ा तक ही हैं, जबकि आयुर्वेदीय चिकित्सा शास्त्र में कोविड बीमारी में लक्षण के अनुसार इलाज करने की प्रबल संभावनाएं हैं। बीएचयू में रसशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. आनंद चौधरी ने बताया कि आयुर्वेद में आयुष काढ़ा' ही नहीं बल्कि विभिन्न रस औषधियां भी कोविड-19 के इलाज में कारगर हैं।आयुर्वेदीय रस शास्त्र की विधा में अनेक रस रसायन सुखद परिणाम के साथ विकसित किए गए हैं, जो कि इस महामारी से स्वयं को बचाने में काफी अचूक दवाएं हैं।इन औषधियों में स्वर्ण भस्म का योग स्वर्ण मालिनी बसंत, अभ्रक भस्म, प्रवाल भस्म के योग , त्रैलोक्य चिंतामणी रस , जय मंगल रस , त्रिभुवन कीर्ति रस, लक्ष्मी विलास रस आदि प्रमुख हैं। ये सारी दवाइयां श्वांस, बुखार, कफ को दूर करने के साथ ही पाचन और दीपन की क्रियाओं को बढ़ाती है। उन्होंने बताया कि ये औषधियां ऑनलाइन और ऑफलाइन मेडिकल दुकानों पर उपलब्ध रहती हैं। ये सभी रस शास्त्रीय चिकित्सकीय ग्रंथो में काफी विस्तारपूर्वक वर्णित हैं।दरअसल, भारत अनेक प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक चिकित्सक इन वर्णित रस-रसायनों के माध्यम से महामारी की लाक्षणिक चिकित्सा कर रोगियों को स्वस्थ करने में सफल भी हो रहे हैं। यही नहीं एलोपैथ भी इस महामारी की लाक्षणिक चिकित्सा ही कर रही है। वहीं, दुनिया के किसी भी शोध संस्थान द्वारा इस महामारी की शत-प्रतिशत प्रभावी औषधि अब तक विकसित नहीं की जा सकी है। प्रोफेसर चौधरी के अनुसार इन रस औषधियों जैसे कि स्वर्ण, अभ्रक, माक्षिक भस्म के ऊपर निरतंर शोध पत्र प्रकाशित होते रहे हैं, जो कि इनकी व्याधि हरण की क्षमता, त्वरित लाभ, स्वास्थ्य सुरक्षा के मानकों पर खरी उतरी है। वहीं इन रस-रसायनों को खरीदते समय कंपनी की प्रमाणिकता को अवश्य परखे।

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After coming to Corona positive, those who gain victory over Kovid will also be provided with oxygen concentrator according to the doctor's advice on providing oxygen.By philanthropist Vanita Kasaniya Panj

कोरोना पाजिटिव आने के उपरांत जो व्यक्ति कोविड पर फतेह हासिल कर लेते हैं, उन्हें आगे भी आक्सीजन दिए जाने संबंधी डाक्टरी सलाह अनुसार आक्सीजन कंसंट्रेटर मुहैया करवाए जाएंगे। By समाजसेवी वनिता कसनिया पंजाब डिप्टी कमिश्नर हरीश नायर ने बताया कि जिले के सिविल अस्पताल फाजिल्का, अबोहर और जलालाबाद में इसके अंतर्गत आक्सीजन बैंक स्थापित किए गए हैं। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इस आक्सीजन बैंक को सुचारू ढंग के साथ चलाने के लिए सिविल अस्पतालों में नोडल अफसर भी नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सिविल अस्पताल फाजिल्का में डा. सुधीर पाठक, सिविल अस्पताल अबोहर में डा. गगनदीप सिंह और सिविल अस्पताल जलालाबाद में डा. दविन्दर कुमार इसकी पूरी देख-रेख करेंगे और जरूरतमंद मरीज इन अधिकारियों के साथ संपर्क कर सकते हैं।सिविल सर्जन डा. परमिन्दर कुमार ने बताया कि यह हिदायतें मौजूदा कोरोना पीड़ितों पर लागू नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि घर में आक्सीजन कंसंट्रेटर देने की सुविधा डाक्टर की सलाह अनुसार ही दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले के आक्सीजन बैंक से ही 5 लीटर या उससे कम मात्रा वाला आक्सीजन कंसंट्रेटर जरूरतमंद व्यक्ति को...