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कोरोना अपडेट:पिछले 24 घंटो में हिमाचल में 28 लोगों की मौत, 1675 नए पॉजिटिव मामले By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाबSpread the loveशिमला| पिछले 24 घंटो में हिमाचल प्रदेश में 28 और कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो गई। कांगड़ा जिले में सात, शिमला पांच, मंडी चार, सोलन में चार और ऊना में तीन संक्रमितों ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा सिरमौर में दो, कुल्लू, हमीरपुर और किन्नौर में एक-एक संक्रमित की मौत हुई है। उधर, प्रदेश में 1675 और लोगों के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कांगड़ा जिले 409, मंडी 241, शिमला 172, बिलासपुर 161, हमीरपुर 202, सिरमौर 135, सोलन 125, चंबा 73, ऊना 61, कुल्लू 40, लाहौल-स्पीति 35 और किन्नौर में 21 नए मामले आए है। सचिव सामान्य प्रशासन विभाग और सचिवालय प्रशासन विभाग के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट भी पॉजिटिव है। इसको देखते हुए सचिवालय में सचिवालय में कई अधिकारियों व कर्मचारियों के कोरोना टेस्ट लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आनी है। कहां कितने सक्रिय केसइसके साथ ही प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 89193 पहुंच गया है। सक्रिय मामले अब 14326 हो गए हैं। अब तक 73478 संक्रमित ठीक हो चुके हैं और 1350 की मौत हुई है। बिलासपुर में कोरोना के सक्रिय केसों की संख्या 843, चंबा 352, हमीरपुर 1079, कांगड़ा 3336, किन्नौर 125, लाहौल-स्पीति 212, कुल्लू 535, मंडी 1341, शिमला 1581, सिरमौर 1380, सोलन 2523 और ऊना जिले में 1019 पहुंच गई है। 24 घंटों में 916 संक्रमित ठीक हुए हैं। इस दौरान कोरोना की जांच के लिए 9516 सैंपल लिए गए। डीडीयू कोविड सेंटर हुआ पैक, कोरिडोर में लगाए बेड दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में बने डेडिकेटिड कोविड केयर सेंटर में 102 से अधिक कोरोना संक्रमित दाखिल हो गए हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते कॉरिडोर में अस्पताल प्रबंधन ने 25 बिस्तर और लगा दिए हैं। इसके अलावा सेंट्रल हीटिंग सिस्टम की व्यवस्था भी शुरू कर दी है। डीडीयू के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रविंद्र मोकटा ने इसकी पुष्टि की है। डीडीयू अस्पताल में लगातार मरीज उपचार के लिए अस्पताल आ रहे हैं। इसके चलते एक सप्ताह में ही 90 बिस्तरों वाला कोरोना वार्ड भर गया है। ऐसे में 25 बिस्तरों की संख्या बढ़ाकर 115 कर दी है। इससे रोगियों को किसी तरह की परेशानी पेश न आए। दूसरी ओर, कुछ मरीजों को यहां से आयुर्वेदिक अस्पताल छोटा शिमला शिफ्ट किया जाएगा। लोनिवि का नेरवा विश्राम गृह बना कोविड केयर सेंटर लोक निर्माण विभाग के नेरवा विश्राम गृह को कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। डीसी आदित्य नेगी ने यह जानकारी दी। डीसी ने कहा कि जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए उपचाराधीन रोगियों को बेहतर चिकित्सा और देखभाल की आवश्यकता है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि नेरवा केयर सेंटर में एक चिकित्सा अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया जाए। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।

कोरोना अपडेट:पिछले 24 घंटो में हिमाचल में 28 लोगों की मौत, 1675 नए पॉजिटिव मामले
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शिमला| पिछले 24 घंटो में हिमाचल प्रदेश में 28 और कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो गई। कांगड़ा जिले में सात, शिमला पांच, मंडी चार, सोलन में चार और ऊना में तीन संक्रमितों ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा सिरमौर में दो, कुल्लू, हमीरपुर और किन्नौर में एक-एक संक्रमित की मौत हुई है। उधर, प्रदेश में 1675 और लोगों के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कांगड़ा जिले 409, मंडी 241, शिमला 172, बिलासपुर 161, हमीरपुर 202, सिरमौर 135, सोलन 125, चंबा 73, ऊना 61, कुल्लू 40, लाहौल-स्पीति 35 और किन्नौर में 21 नए मामले आए है। सचिव सामान्य प्रशासन विभाग और सचिवालय प्रशासन विभाग के कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट भी पॉजिटिव है। इसको देखते हुए सचिवालय में सचिवालय में कई अधिकारियों व कर्मचारियों के कोरोना टेस्ट लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आनी है। 

कहां कितने सक्रिय केस
इसके साथ ही प्रदेश में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 89193 पहुंच गया है। सक्रिय मामले अब 14326 हो गए हैं। अब तक 73478 संक्रमित ठीक हो चुके हैं और 1350 की मौत हुई है। बिलासपुर में कोरोना के सक्रिय केसों की संख्या 843, चंबा 352, हमीरपुर 1079, कांगड़ा 3336, किन्नौर 125, लाहौल-स्पीति 212, कुल्लू 535, मंडी 1341, शिमला 1581, सिरमौर 1380, सोलन 2523 और ऊना जिले में 1019 पहुंच गई है। 24 घंटों में 916 संक्रमित ठीक हुए हैं। इस दौरान कोरोना की जांच के लिए 9516 सैंपल लिए गए। 

डीडीयू कोविड सेंटर हुआ पैक, कोरिडोर में लगाए बेड
 दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में बने डेडिकेटिड कोविड केयर सेंटर में 102 से अधिक कोरोना संक्रमित दाखिल हो गए हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते कॉरिडोर में अस्पताल प्रबंधन ने 25 बिस्तर और लगा दिए हैं। इसके अलावा सेंट्रल हीटिंग सिस्टम की व्यवस्था भी शुरू कर दी है। डीडीयू के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रविंद्र मोकटा ने इसकी पुष्टि की है। डीडीयू अस्पताल में लगातार मरीज उपचार के लिए अस्पताल आ रहे हैं। इसके चलते एक सप्ताह में ही 90 बिस्तरों वाला कोरोना वार्ड भर गया है। ऐसे में 25 बिस्तरों की संख्या बढ़ाकर 115 कर दी है। इससे रोगियों को किसी तरह की परेशानी पेश न आए। दूसरी ओर, कुछ मरीजों को यहां से आयुर्वेदिक अस्पताल छोटा शिमला शिफ्ट किया जाएगा। 

लोनिवि का नेरवा विश्राम गृह बना कोविड केयर सेंटर 
लोक निर्माण विभाग के नेरवा विश्राम गृह को कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। डीसी आदित्य नेगी ने यह जानकारी दी। डीसी ने कहा कि जिले में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए उपचाराधीन रोगियों को बेहतर चिकित्सा और देखभाल की आवश्यकता है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि नेरवा केयर सेंटर में एक चिकित्सा अधिकारी को नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया जाए। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। 

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पंजाब, जेएनएन। कोरोना काल में काढ़ा का अत्यधिक प्रयोग पाचनशक्ति को खराब करने लगा और लोग कोविड के दूसरे लहर में इस आयुर्वेदिक युक्ति से अब पीछा छुड़ाते दिख रहे हैं। By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब वहीं आम आदमी से लेकर समस्त बुद्धिजीवियों में भी यही भ्रांति अभी तक चली आ रही थी कि कोरोना से निबटने में आयुर्वेद की सीमाएं महज काढ़ा तक ही हैं, जबकि आयुर्वेदीय चिकित्सा शास्त्र में कोविड बीमारी में लक्षण के अनुसार इलाज करने की प्रबल संभावनाएं हैं। बीएचयू में रसशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. आनंद चौधरी ने बताया कि आयुर्वेद में आयुष काढ़ा' ही नहीं बल्कि विभिन्न रस औषधियां भी कोविड-19 के इलाज में कारगर हैं।आयुर्वेदीय रस शास्त्र की विधा में अनेक रस रसायन सुखद परिणाम के साथ विकसित किए गए हैं, जो कि इस महामारी से स्वयं को बचाने में काफी अचूक दवाएं हैं।इन औषधियों में स्वर्ण भस्म का योग स्वर्ण मालिनी बसंत, अभ्रक भस्म, प्रवाल भस्म के योग , त्रैलोक्य चिंतामणी रस , जय मंगल रस , त्रिभुवन कीर्ति रस, लक्ष्मी विलास रस आदि प्रमुख हैं। ये सारी दवाइयां श्वांस, बुखार, कफ को दूर करने के साथ ही पाचन और दीपन की क्रियाओं को बढ़ाती है। उन्होंने बताया कि ये औषधियां ऑनलाइन और ऑफलाइन मेडिकल दुकानों पर उपलब्ध रहती हैं। ये सभी रस शास्त्रीय चिकित्सकीय ग्रंथो में काफी विस्तारपूर्वक वर्णित हैं।दरअसल, भारत अनेक प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक चिकित्सक इन वर्णित रस-रसायनों के माध्यम से महामारी की लाक्षणिक चिकित्सा कर रोगियों को स्वस्थ करने में सफल भी हो रहे हैं। यही नहीं एलोपैथ भी इस महामारी की लाक्षणिक चिकित्सा ही कर रही है। वहीं, दुनिया के किसी भी शोध संस्थान द्वारा इस महामारी की शत-प्रतिशत प्रभावी औषधि अब तक विकसित नहीं की जा सकी है। प्रोफेसर चौधरी के अनुसार इन रस औषधियों जैसे कि स्वर्ण, अभ्रक, माक्षिक भस्म के ऊपर निरतंर शोध पत्र प्रकाशित होते रहे हैं, जो कि इनकी व्याधि हरण की क्षमता, त्वरित लाभ, स्वास्थ्य सुरक्षा के मानकों पर खरी उतरी है। वहीं इन रस-रसायनों को खरीदते समय कंपनी की प्रमाणिकता को अवश्य परखे।

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