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कोविड को लेकर खान-पान के नुस्ख़े कितने कारगर हैं, इनका कितना पालन करें? By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाबकोरोना वायरस से पैदा हुई महामारी यानी कोविड-19 का प्रकोप किस दवा से ख़त्म होगा? इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए दुनिया भर के शोधकर्ता मेहनत कर रहे हैं.अभी तक एक ही बात साफ़ है कि जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत है उन पर कोविड-19 का हमला घातक नहीं होता. अब बाज़ार इसी बात को भुनाने में लग गया है. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के अनेक उपाय मीडिया, सोशल मीडिया पर सुझाए जा रहे हैं.ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है. हर महामारी के समय में ऐसी बातें होती रहती हैं. 1918 में जब स्पेनिश फ्लू फैला था तब भी इसी तरह की बातें हुई थीं और आज 2021 में भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है. हालांकि इन सौ वर्षों में मेडिकल साइंस के लिहाज़ से इंसान ने काफ़ी तरक़्क़ी कर ली है.हाल में इन दिनों एक अफ़वाह सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल है. कहा जा रहा है कि ज़्यादा से ज़्यादा हस्तमैथुन से ब्लड सेल बढ़ते हैं. साथ ही ऐसे फल खाने की सलाह दी जा रही है जिनमें विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में हो. बहुत से लोग तो प्रो-बायोटिक्स लेने की सलाह भी दे रहे हैं. कोई कह रहा है कि ग्रीन-टी और लाल मिर्च से कोविड-19 के कमज़ोर किया जा सकता है.रिसर्च कहती है कि सुपर फ़ूड बाज़ार का फैलाया हुआ एक मिथक है. साइंस की रिसर्च में इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिलता कि इनसे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. अमरीका की येल यूनिवर्सिटी की इम्युनोलॉजिस्ट अकीको इवासाकी का कहना है कि प्रतिरोधक क्षमता के तीन हिस्से होते हैं-त्वचा, श्वसन मार्ग और म्यूकस झिल्ली. ये तीनों हमारे शरीर में किसी भी संक्रमण रोकने में मददगार हैं. अगर कोई वायरस इन तीनों अवरोधकों को तोड़कर शरीर में घुस जाता है, तो फिर अंदर की कोशिकाएं तेज़ी से सतर्कता बढ़ाती हैं और वायरस से लड़ना शुरू कर देती हैं.हल्की खांसी, नज़ला, बुख़ार, सिरदर्द के लक्षण किसी वायरस की वजह से नहीं होते हैं. बल्कि ये हमारे शरीर की उस प्रतिरोधक क्षमता का हिस्सा होते हैं जो हमें जन्म से मिलती है. बलग़म के ज़रिए बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मदद मिलती है. बुखार, शरीर में वायरस के पनपने से रोकने का माहौल बनाता है. ऐसे में अगर किसी के कहने पर प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीज़ों का सेवन कर भी लिया जाए, तो उसका असल में कोई फ़ायदा होने नहीं वाला है.अब सवाल ये है कि आख़िर कोविड-19 से बचा कैसे जाए. इसके लिए फ़िलहाल तो यही ज़रूरी है कि जितना हो सके सोशल डिस्टेंसिंग और साफ़ सफ़ाई का ध्यान रखिए. संतुलित आहार लीजिए. नियम से व्यायाम कीजिए. किसी वेलनेस एक्सपर्ट के बहकावे में आकर ख़ुद ही अपने डॉक्टर मत बनिए. परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लीजिए.

कोविड को लेकर खान-पान के नुस्ख़े कितने कारगर हैं, इनका कितना पालन करें?
By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब
कोरोना वायरस से पैदा हुई महामारी यानी कोविड-19 का प्रकोप किस दवा से ख़त्म होगा? इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए दुनिया भर के शोधकर्ता मेहनत कर रहे हैं.

अभी तक एक ही बात साफ़ है कि जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत है उन पर कोविड-19 का हमला घातक नहीं होता. अब बाज़ार इसी बात को भुनाने में लग गया है. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के अनेक उपाय मीडिया, सोशल मीडिया पर सुझाए जा रहे हैं.

ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है. हर महामारी के समय में ऐसी बातें होती रहती हैं. 1918 में जब स्पेनिश फ्लू फैला था तब भी इसी तरह की बातें हुई थीं और आज 2021 में भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है. हालांकि इन सौ वर्षों में मेडिकल साइंस के लिहाज़ से इंसान ने काफ़ी तरक़्क़ी कर ली है.

हाल में इन दिनों एक अफ़वाह सोशल मीडिया पर ख़ूब वायरल है. कहा जा रहा है कि ज़्यादा से ज़्यादा हस्तमैथुन से ब्लड सेल बढ़ते हैं. साथ ही ऐसे फल खाने की सलाह दी जा रही है जिनमें विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में हो. बहुत से लोग तो प्रो-बायोटिक्स लेने की सलाह भी दे रहे हैं. कोई कह रहा है कि ग्रीन-टी और लाल मिर्च से कोविड-19 के कमज़ोर किया जा सकता है.

रिसर्च कहती है कि सुपर फ़ूड बाज़ार का फैलाया हुआ एक मिथक है. साइंस की रिसर्च में इस बात का कोई प्रमाण नहीं मिलता कि इनसे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. अमरीका की येल यूनिवर्सिटी की इम्युनोलॉजिस्ट अकीको इवासाकी का कहना है कि प्रतिरोधक क्षमता के तीन हिस्से होते हैं-त्वचा, श्वसन मार्ग और म्यूकस झिल्ली. ये तीनों हमारे शरीर में किसी भी संक्रमण रोकने में मददगार हैं. अगर कोई वायरस इन तीनों अवरोधकों को तोड़कर शरीर में घुस जाता है, तो फिर अंदर की कोशिकाएं तेज़ी से सतर्कता बढ़ाती हैं और वायरस से लड़ना शुरू कर देती हैं.

हल्की खांसी, नज़ला, बुख़ार, सिरदर्द के लक्षण किसी वायरस की वजह से नहीं होते हैं. बल्कि ये हमारे शरीर की उस प्रतिरोधक क्षमता का हिस्सा होते हैं जो हमें जन्म से मिलती है. बलग़म के ज़रिए बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मदद मिलती है. बुखार, शरीर में वायरस के पनपने से रोकने का माहौल बनाता है. ऐसे में अगर किसी के कहने पर प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली चीज़ों का सेवन कर भी लिया जाए, तो उसका असल में कोई फ़ायदा होने नहीं वाला है.

अब सवाल ये है कि आख़िर कोविड-19 से बचा कैसे जाए. इसके लिए फ़िलहाल तो यही ज़रूरी है कि जितना हो सके सोशल डिस्टेंसिंग और साफ़ सफ़ाई का ध्यान रखिए. संतुलित आहार लीजिए. नियम से व्यायाम कीजिए. किसी वेलनेस एक्सपर्ट के बहकावे में आकर ख़ुद ही अपने डॉक्टर मत बनिए. परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लीजिए.

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प्रत्येक इंसान चाहता है कि उसका शरीर ताकतवर रहे, स्वस्थ रहें । अधिकतर पुरुषों में कमजोरी का प्रभाव देखने को मिलता है जिसका कारण है उनका गलत खानपान । आज हम आपको उन तीन चीजों के बारे में बताने वाले हैं जिनका यदि लगातार सेवन किया जाए तो 1 महीने से भी कम समय में शरीर बलवान बन जाएगा । Vnita punjab आंवला –आंवला में विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं । जो पुरुषों को दीर्घायु प्रदान करते हैं । आंवला खाने से बाल काले, लंबे एवं घने होते हैं । त्वचा जवान दिखती है, स्कीन का रंग साफ होता है । आंवले का मुरब्बा या आचार इस्तेमाल कर सकते हैं । Vnita Kasnia खजूर –खजूर में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन के, विटामिन ए, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं । जो शरीर को मजबूत और ताकतवर बनाते हैं । सुबह के नाश्ते में दूध के साथ खजूर का सेवन करने से मांसपेशियों का विकास होता है और शरीर में ताकत आती है Vnita punjab किशमिश –किशमिश में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो मजबूत शरीर बनाने के लिए पर्याप्त है । किशमिश का सेवन लगातार करने से कब्ज की समस्या दूर होती है और स्टेमिना बढ़ाती है ।https://www.facebook.com/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE-101621781784017/

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