Skip to main content

Does black fungus also spread like touching or sneezing like a corona?By social worker Vanita Kasani PunjabNo, black fungus does not spread like this, mainly black fungus is caused by your weak immune system. This disease those

नहीं ब्लैक फंगस ऐसे नहीं फैलती मुख्यत: ब्लैक फंगस आपके कमजोर प्रतिरक्षा तंत्र के कारण होता है। ये रोग उन लोगो को ज्यादा प्रभावित करती है जो अभी कोरोना से रिकवर हुए है और डायबिटीज के शिकार है उनका प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होता है इसलिए ये आपके नाक मुँह के रास्ते आपके शरीर के भीतर जाता है। और रक्तवाहिकाओं को ब्लॉक कर देता है इसके साथ आपके अंग को खराब कर देता है।

इसलिए आपको ब्लैक फंगस के लक्षणों को जल्दी पहचान कर इसका इलाज जल्दी करे। ताकि आपको अपने अंग गवांने पड़ सकती है।

इसके मुख्य लक्षण है

1 .चेहरे पर सूजन

2 .आँखों में सूजन

3 .मस्तिष्क में हो तो काफी न्यूरोलॉजिकल समस्या होती है।

4 .भयंकर सिरदर्द

5 .आँखों में नाक में काले दब्बे और धीरे धीरे घाव होने लगता है।

बचाव

हाइजीन का ध्यान रखना

डाइबिटीज वाले रोगी और कोरोना से रिकवर होने वाले रोगियों का खास ध्यान रखे

ऑक्सीजन थेरेपी के दौरान ह्यूमिडिफ़ायर के लिए स्वच्छ, जीवाणुरहित पानी का उपयोग करें।

लक्षणों को जल्दी पहचान कर जल्दी डॉक्टर को दिखाए 

Comments

Popular posts from this blog

प्रत्येक इंसान चाहता है कि उसका शरीर ताकतवर रहे, स्वस्थ रहें । अधिकतर पुरुषों में कमजोरी का प्रभाव देखने को मिलता है जिसका कारण है उनका गलत खानपान । आज हम आपको उन तीन चीजों के बारे में बताने वाले हैं जिनका यदि लगातार सेवन किया जाए तो 1 महीने से भी कम समय में शरीर बलवान बन जाएगा । Vnita punjab आंवला –आंवला में विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं । जो पुरुषों को दीर्घायु प्रदान करते हैं । आंवला खाने से बाल काले, लंबे एवं घने होते हैं । त्वचा जवान दिखती है, स्कीन का रंग साफ होता है । आंवले का मुरब्बा या आचार इस्तेमाल कर सकते हैं । Vnita Kasnia खजूर –खजूर में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन के, विटामिन ए, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं । जो शरीर को मजबूत और ताकतवर बनाते हैं । सुबह के नाश्ते में दूध के साथ खजूर का सेवन करने से मांसपेशियों का विकास होता है और शरीर में ताकत आती है Vnita punjab किशमिश –किशमिश में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो मजबूत शरीर बनाने के लिए पर्याप्त है । किशमिश का सेवन लगातार करने से कब्ज की समस्या दूर होती है और स्टेमिना बढ़ाती है ।https://www.facebook.com/%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%B5%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE-101621781784017/

🙏: आंवला –आंवला में विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं । जो पुरुषों को दीर्घायु प्रदान करते हैं । आंवला खाने से बाल काले, लंबे एवं घने होते हैं । त्वचा जवान दिखती है, स्कीन का रंग साफ होता है । आंवले का मुरब्बा या आचार इस्तेमाल कर सकते हैं । Vnita Kasnia खजूर –खजूर में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन के, विटामिन ए, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं । जो शरीर को मजबूत और ताकतवर बनाते हैं । सुबह के नाश्ते में दूध के साथ खजूर का सेवन करने से मांसपेशियों का विकास होता है और शरीर में ताकत आती है Vnita punjab किशमिश –किशमिश में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो मजबूत शरीर बनाने के लिए पर्याप्त है । किशमिश का सेवन लगातार करने से कब्ज की समस्या दूर होती है और स्टेमिना बढ़ाती है ।,

पंजाब, जेएनएन। कोरोना काल में काढ़ा का अत्यधिक प्रयोग पाचनशक्ति को खराब करने लगा और लोग कोविड के दूसरे लहर में इस आयुर्वेदिक युक्ति से अब पीछा छुड़ाते दिख रहे हैं। By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब वहीं आम आदमी से लेकर समस्त बुद्धिजीवियों में भी यही भ्रांति अभी तक चली आ रही थी कि कोरोना से निबटने में आयुर्वेद की सीमाएं महज काढ़ा तक ही हैं, जबकि आयुर्वेदीय चिकित्सा शास्त्र में कोविड बीमारी में लक्षण के अनुसार इलाज करने की प्रबल संभावनाएं हैं। बीएचयू में रसशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. आनंद चौधरी ने बताया कि आयुर्वेद में आयुष काढ़ा' ही नहीं बल्कि विभिन्न रस औषधियां भी कोविड-19 के इलाज में कारगर हैं।आयुर्वेदीय रस शास्त्र की विधा में अनेक रस रसायन सुखद परिणाम के साथ विकसित किए गए हैं, जो कि इस महामारी से स्वयं को बचाने में काफी अचूक दवाएं हैं।इन औषधियों में स्वर्ण भस्म का योग स्वर्ण मालिनी बसंत, अभ्रक भस्म, प्रवाल भस्म के योग , त्रैलोक्य चिंतामणी रस , जय मंगल रस , त्रिभुवन कीर्ति रस, लक्ष्मी विलास रस आदि प्रमुख हैं। ये सारी दवाइयां श्वांस, बुखार, कफ को दूर करने के साथ ही पाचन और दीपन की क्रियाओं को बढ़ाती है। उन्होंने बताया कि ये औषधियां ऑनलाइन और ऑफलाइन मेडिकल दुकानों पर उपलब्ध रहती हैं। ये सभी रस शास्त्रीय चिकित्सकीय ग्रंथो में काफी विस्तारपूर्वक वर्णित हैं।दरअसल, भारत अनेक प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक चिकित्सक इन वर्णित रस-रसायनों के माध्यम से महामारी की लाक्षणिक चिकित्सा कर रोगियों को स्वस्थ करने में सफल भी हो रहे हैं। यही नहीं एलोपैथ भी इस महामारी की लाक्षणिक चिकित्सा ही कर रही है। वहीं, दुनिया के किसी भी शोध संस्थान द्वारा इस महामारी की शत-प्रतिशत प्रभावी औषधि अब तक विकसित नहीं की जा सकी है। प्रोफेसर चौधरी के अनुसार इन रस औषधियों जैसे कि स्वर्ण, अभ्रक, माक्षिक भस्म के ऊपर निरतंर शोध पत्र प्रकाशित होते रहे हैं, जो कि इनकी व्याधि हरण की क्षमता, त्वरित लाभ, स्वास्थ्य सुरक्षा के मानकों पर खरी उतरी है। वहीं इन रस-रसायनों को खरीदते समय कंपनी की प्रमाणिकता को अवश्य परखे।

पंजाब, जेएनएन। कोरोना काल में काढ़ा का अत्यधिक प्रयोग पाचनशक्ति को खराब करने लगा और लोग कोविड के दूसरे लहर में इस आयुर्वेदिक युक्ति से अब पीछा छुड़ाते दिख रहे हैं।  By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब  वहीं आम आदमी से लेकर समस्त बुद्धिजीवियों में भी यही भ्रांति अभी तक चली आ रही थी कि कोरोना से निबटने में आयुर्वेद की सीमाएं महज काढ़ा तक ही हैं, जबकि आयुर्वेदीय चिकित्सा शास्त्र में कोविड बीमारी में लक्षण के अनुसार इलाज करने की प्रबल संभावनाएं हैं।  बीएचयू में रसशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. आनंद चौधरी ने बताया कि आयुर्वेद में आयुष काढ़ा' ही नहीं बल्कि विभिन्न रस औषधियां भी कोविड-19 के इलाज में कारगर हैं। आयुर्वेदीय रस शास्त्र की विधा में अनेक रस रसायन सुखद परिणाम के साथ विकसित किए गए हैं, जो कि इस महामारी से स्वयं को बचाने में काफी अचूक दवाएं हैं।इन औषधियों में स्वर्ण भस्म का योग स्वर्ण मालिनी बसंत, अभ्रक भस्म, प्रवाल भस्म के योग , त्रैलोक्य चिंतामणी रस , जय मंगल रस , त्रिभुवन कीर्ति रस, लक्ष्मी विलास रस आदि प्रमुख हैं। ये सारी दवाइयां श्वांस, बुखार, कफ को दूर करने के...

After coming to Corona positive, those who gain victory over Kovid will also be provided with oxygen concentrator according to the doctor's advice on providing oxygen.By philanthropist Vanita Kasaniya Panj

कोरोना पाजिटिव आने के उपरांत जो व्यक्ति कोविड पर फतेह हासिल कर लेते हैं, उन्हें आगे भी आक्सीजन दिए जाने संबंधी डाक्टरी सलाह अनुसार आक्सीजन कंसंट्रेटर मुहैया करवाए जाएंगे। By समाजसेवी वनिता कसनिया पंजाब डिप्टी कमिश्नर हरीश नायर ने बताया कि जिले के सिविल अस्पताल फाजिल्का, अबोहर और जलालाबाद में इसके अंतर्गत आक्सीजन बैंक स्थापित किए गए हैं। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इस आक्सीजन बैंक को सुचारू ढंग के साथ चलाने के लिए सिविल अस्पतालों में नोडल अफसर भी नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सिविल अस्पताल फाजिल्का में डा. सुधीर पाठक, सिविल अस्पताल अबोहर में डा. गगनदीप सिंह और सिविल अस्पताल जलालाबाद में डा. दविन्दर कुमार इसकी पूरी देख-रेख करेंगे और जरूरतमंद मरीज इन अधिकारियों के साथ संपर्क कर सकते हैं।सिविल सर्जन डा. परमिन्दर कुमार ने बताया कि यह हिदायतें मौजूदा कोरोना पीड़ितों पर लागू नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि घर में आक्सीजन कंसंट्रेटर देने की सुविधा डाक्टर की सलाह अनुसार ही दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले के आक्सीजन बैंक से ही 5 लीटर या उससे कम मात्रा वाला आक्सीजन कंसंट्रेटर जरूरतमंद व्यक्ति को...